Sunday, July 31, 2016

MUSSOORIE TRAVELL - मस्त मस्त मसूरी की सैर - 2

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मसूरी वाकई ऐसा स्थान हैं यंहा पर बार बार आने को मन करता हैं. बड़ो के लिए, बच्चो के लिए यंहा सब कुछ हैं. खुबसूरत पहाड़िया, मनभावन दृश्य, अच्छे होटल, अच्छे रेस्टोरेंट, खरीदारी आदि आदि. मन नहीं भरता हैं यंहा से. नए आने वालो के लिए एक सलाह हैं की छुट्टियों में यंहा पर बहुत ज्यादा भीड़ होती हैं. उस समय आना अवॉयड करे. ऑफ सीजन में आना ठीक रहता हैं. 

क्या देख रहा हैं भाई 

मसूरी की सुन्दर पहाड़िया 


अरे भाई ज्यादा स्टाइल मत मारो 

बच्चे मस्ती में 

झुला झूलो मस्ती में 

खुबसूरत हरियाली 

माल रोड के बाज़ार में 

कुछ देर माल रोड पर घुमने के बाद हम लोग गन हिल जाने के लिए रोप वे पर पहुंचे. वंहा पर टिकट लेकर हम लोग रोप वे के द्वारा गन हिल के लिए रवाना हुए. गन हिल नाम अंग्रेजो का दिया हुआ हैं. कहते हैं अंग्रेजो के जमाने में यंहा पर एक तोप लगी हुई थी. जिससे डेली फायर की जाती थी. यंहा पर खाने पीने के लिए बहुत सी दुकाने हैं. बच्चो के मनोरंजन की भी व्यवस्था हैं, और खरीदारी भी कर सकते हैं. यंहा से मसूरी के चारो तरफ का बहुत की खुबसूरत दृश्य दिखाई देता हैं. यंहा पर दूर के दृश्य देखने के लिए दूरबीन लगी हुई हैं.

मसूरी रोप वे 

गन हिल का मैदान 

यह एक काफी बड़ा मैदान हैं, इसमें चारो और खाने पीने की दुकाने, अलग अलग सामानों की दुकाने आदि लगी हुई हैं. बच्चो के खेलने की भी अच्छी व्यवस्था हैं. 

गन हिल पर गन चलाते हुए 



दूर देहरादून घाटी

गन हिल से मसूरी का दृश्य 

पता नहीं क्या सोच रहे हैं? 

गन हिल के बारे में जानकारी 









ओरंगजेब के अवतार 



मसूरी का विहंगम दृश्य 

मसूरी के पीछे की पहाडिया 

रोपवे से दिखता मसूरी का दृश्य 







अरे ये कौन हैं भाई 

माल रोड पे साईं बाबा की शरण में 

मित्रो मेरी कोशिस आपको मसूरी की सैर फोटो के द्वारा कराने की हैं, इसलिए लिख कम रहा हूँ, फोटो ज्यादा दे रहा हूँ. धन्यवाद 

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Sunday, October 25, 2015

MUSSOORI TRAVELL - मस्त मस्त मसूरी की सैर - 1

मसूरी भारत के उत्तराखंड प्रान्त का एक नगर है। देहरादून से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मसूरी उन स्थानों में से एक है जहां लोग बार-बार जाते हैं। घूमने-फिरने के लिए जाने वाली प्रमुख जगहों में यह एक है। यह पर्वतीय पर्यटन स्थल हिमालय पर्वतमाला के शिवालिक श्रेणी में पड़ता है, जिसे पर्वतों की रानी भी कहा जाता है। निकटवर्ती लैंढ़ौर कस्बा भी बार्लोगंजऔर झाड़ीपानी सहित वृहत या ग्रेटर मसूरी में आता है। इसकी औसत ऊंचाई समुद्र तल से 2005 मी. (6600फ़ीट) है, जिसमें हरित पर्वत विभिन्न पादप-प्राणियों समेत बसते हैं। उत्तर-पूर्व में हिम मंडित शिखर सिर उठाये दृष्टिगोचर होते हैं, तो दक्षिण में दून घाटी और शिवालिक श्रेणी दिखती है। इसी कारण यह शहर पर्यटकों के लिये परीमहल जैसा प्रतीत होता है। मसूरी गंगोत्री का प्रवेश द्वार भी है। देहरादून में पायी जाने वाली वनस्पति और जीव-जंतु इसके आकर्षण को और भी बढ़ा देते हैं। दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए यह लोकप्रिय ग्रीष्मकालीन पर्यटन स्थल है।

उत्तराखंड के नक़्शे में मसूरी 



मसूरी का इतिहास सन 1825 में कैप्टन यंग, एक साहसिक ब्रिटिश मिलिट्री अधिकारी और श्री.शोर, देहरादून के निवासी और अधीक्षक द्वारा वर्तमान मसूरी स्थल की खोज से आरम्भ होता है। तभी इस छुट्टी पर्यटन स्थल की नींव पड़ी, जिसके अभी तक भी कुछ ही विकल्प कहलाते हैं। 1827 में एक सैनिटोरियम बनवाया गया, लैंढ़ौर में, जो आज कैन्टोनमैन्ट बन चुका है। कर्नल एवरेस्ट ने यहीं अपना घर बनाया 1832 में, और 1901 तक यहां की जनसंख्या 6461 थी, जो कि ग्रीष्म ऋतु में 15000 तक पहुंच जाती थी। पहले मसूरी सड़क द्वारा सहारनपुर से गम्य था, 58 कि.मि.दूर। सन 1900 में इसकी गम्यता सरल हो गयी यहां रेल के आने से, जिससे सड़क मार्ग छोटा होकर केवल 21 कि.मी. रह गया। इसके नाम के बारे में प्रायः लोग यहां बहुतायत में उगने वाले एक पौधे ”’मंसूर”’ को इसके नाम का कारण बताते हैं, जो लोग, अभी भी इसे मन्सूरी कहते हैं।



यहां का मुख्य स्थल अन्य सभी अंग्रेज़ों द्वारा प्रभावित/बसाये गये नगरों की भांति ही ”’माल”’ कहलाता है। मसूरी का मल रोड पूर्व में पिक्चर पैलेस से लेकर पश्चिम में पब्लिक लाइब्रेरी तक जता है। ब्रिटिश काल में मसूरी की माल मार्ग पर लिखा होता था ”भारतीय और कुत्तों को अनुमति नहीं”। इस प्रकार के जातीय चिन्ह अंग्रेज़ों की मानसिकता का परिचय देते सभी उस काल के बसाये नगरों में मिल जाते थे। इन्हें बाद में पैरों तले रौंद दिया गया था। अप्रैल 1959 में, दलाई लामा, चीन अधिकृत तिब्बत से निर्वासित होने पर यहीं आये, और तिब्बत निर्वासित सरकार बनाई। बाद में यह सरकार हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश।धर्मशाला में स्थानांतरित हो गयी। यहीं प्रथम तिब्बती स्कूल सन 1960 में खुला था। अभी भी लगभग 5000 तिब्बती लोग मसूरी में मुख्यतः हैप्पी वैली में बसे हुए हैं। वर्तमान में मसूरी में इतने होटल, और जनसंख्या हो गयी है, उसकी दिल्ली इत्यादि से निकटता के कारण; कि यह नगर ढेरों कूड़ा, जल-संकट, पार्किंग की कमी, इत्यादि से, विशेषकर ग्रीष्म ऋतु में सामना करता है।

मसूरी 30.45° N 78.08° E में स्थित है।. इसका औसत ऊंचाई 1,826 मीटर (5,991 फ़ीट) है ।

मसूरी दिल्ली और अन्य मुख्य नगरों से सड़क द्वारा अति सुगम है। इसे गंगोत्री, यमुनोत्री आदि उत्तर भारतीय तीर्थ स्थलों का प्रवेशद्वार कहा जाताहै। समीपतम रेलवे स्टेशन देहरादून है। यहां टैक्सियां और बसें नियमित उपलब्ध रहतीं हैं।

मसूरी भ्रमण का सर्वश्रेष्ठ समय मध्य मार्च से मध्य नवंबर का है, जिसमें वर्षाकाल जुलाई से सितंबर तक, परेशान कर सकता है,। इस काल में वर्षा तो होती ही है, इसके अलावा यहां कोई भी दूरवर्ती पर्वत दृश्यन हीं होते, बादलों के कारण।(नक्शा व लेख साभार विकिपीडिया)

हम लोग अपनी क्वालिस के द्वारा मुज़फ्फरनगर से रूडकी होते हुए वाया हरिद्वार मसूरी पहुंचे. उस दिन बारिस के कारण रूडकी से देहरादून का मार्ग एक पुल टूटने के कारण से बंद था. इसी कारण से हरिद्वार होते हुए मसूरी जाना पडा. हरिद्वार से मसूरी जाते हुए देहरादून के बाहर की बाहर एक बाईपास निकल जाता हैं, जिससे देहरादून की भीड़ भाड़ से बंच जाते हैः. मसूरी में लाइब्रेरी चौक पर होटल विष्णु पैलेस में हमारी बुकिंग थी. इस होटल में रहने की और पार्किंग की उचित व्यवस्था हैं. खाने के लिए एक रेस्टोरेंट भी हैं. इस होटल का वेबसाइट और एड्रेस व फ़ोन नंबर्स में नीचे दे रहा हूँ. 

पर्वतो की रानी की मनमोहनी छटा 



Library Chowk, Mussoorie
Tel: 0135 - 2632932, 2631732
Fax: 0135 - 2630332
Email: reservations@hotelvishnupalace.com

DELHI SALES OFFICE
E-13, Ground Floor, Central Market, Lajpat Nagar-II, New Delhi- 110024
Tel: 011 - 29810075, 29811778
Mob: +91 9312837724,+91 9810145533
Fax: 011 - 29810036
Email: delhisales@hotelvishnupalace.com


विष्णु पैलेस होटल 
विष्णु पैलेस होटल 






इशांक बाबू आराम फरमाते हुए 




इशांक  और मसूरी की प्राकृतिक छटा

मसूरी का एक द्रश्य 

कोहरे में लिपटी हुई पहाड़िया

होटल में कुछ देर रुकने के बाद हम लोग मसूरी की सडको पर सैर के लिए निकल पड़े. यूं तो मसूरी करीब करीब साल भर में एक बार तो आना हो हो ही जाता हैं. पर इस स्थान में ख़ूबसूरती इतनी है की मन नहीं भरता हैं. इस लेख में मैं आपको मसूरी की ख़ूबसूरती चित्रों के द्वारा दिखा रहा हूँ.







मसूरी माल रोड का एक द्रश्य
ऊपर कोहरा और बादल नीचे ये सुन्दर इमारत 


मसूरी की पहाडिया - सामने नीचे देहरादून 





मसूरी माल रोड

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